The College

( महाविद्यालय )

शैलदेवी महाविद्यालय की स्थापना सन् 2011 में की गयी थी। महाविद्यालय, शैलदेवी एजुकेशनल सोसायटी भिलाई जो छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1973 के अंतर्गत एक पंजीकृत संस्था है, के द्वारा संचालित है। उच्च शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त तथा हेमचंद़ यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से सम्बद्ध है ।

समय के साथ-साथ महाविद्यालय ने अद्भुत उन्नति की है और आज यह न केवल स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा के लिए सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में विख्यात है अपितु अनेक कसौटियों पर यह खरा उतरा है। शैक्षणिक कर्मचारियों का कुशल और आत्मीय व्यवहार भी महाविद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। महाविद्यालय में विज्ञान, वाणिज्य, मानविकी, समाज विज्ञान, समाज कार्य, शिक्षक शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी के अनेक पाठ्यक्रम उपलब्थ हैं। साथ ही महाविद्यालय का दूरशिक्षा विभाग द्वारा पं. सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर व महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र के अनेक विषयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। यहाँ का पुस्तकालय अपनी महत्वपूर्ण पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं के लिए जाना जाता है तथा प्रयोगशालाएं, राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयां भी अपनी गुणवत्ता तथा सक्रियता के लिए विख्यात है। महाविद्यालय में प्रयुक्त शिक्षण की भाषा हिन्दी व अंग्रेजी है। साथ ही सह शिक्षा की भी व्यवस्था है ।

लगभग 10 एकड़ में फैले विशाल महाविद्यालय परिसर की यह भी विशेषता है कि यह दुर्ग स्टेशन तथा सड़क मार्ग से बहुत अच्छी तरह जुड़ा है। कॉलेज परिसर सुन्दर उद्यानों, फलदार वृक्षों के उपवन, खूबसूरत खेल मैदान और छात्रावास से सम्पन्न है। महाविद्यालय के पास विशाल प्रेक्षागृह है तथा हर समय विद्यार्थियों से गुलजार रहने वाली कैंटीन भी प्रेक्षागृह के समीप ही है ।

महाविद्यालय अपने विद्यार्थियों को मुक्त उदार और स्वस्थ प्रतियोगितात्मक वातावरण देने का प्रयास करता है। जिसमें रहकर वे अपनी रूचि के क्षेत्र में सर्वोच्च क्षमता और प्रतिभा के साथ काम करे। महाविद्यालय सद्भावनापूर्ण और प्रोत्साहनपरक वातावरण से अपने विद्यार्थियों का सम्पूर्ण विकास करने में विश्वास रखता है जो केवल आजीविका तक सीमित न रहें अपितु देश तथा विश्व के लिए उत्तरदायी और सच्चे नागरिक बनें ।