Attendance and Discipline

(उपस्थिति और अनुशासन)

उपस्थिति नियम :

 विश्वविद्यालय अधिनियम के अधीन अध्यादेश क्रमांक 5 के अनुसार महाविद्यालय के नियमित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित हाने की पात्रता के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।

 उपस्थिति कम होने पर उन्हें परीक्षा देने से वंचित किया जा सकता है। जिन विषयों में प्रायोगिक कार्य है उनमें सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक कार्य में अलग-अलग 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है।

 प्रत्येक कालखणड में नियमित उपस्थिति अनिवार्य है।

 पढ़ाई के समय कक्षा से बाहर घूमने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही तत्काल की जावेगी । सभी जाँच परीक्षाओं में विद्यार्थियों को सम्मिलित होना आवश्यक है।

 अत्यधिक अनियमित उपस्थिति पर छात्र का प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।

आचरण संहिता :

1. प्रत्येक विद्यार्थी अपना पूरा ध्यान महाविद्यालय द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अन्तर्गत अध्ययन पर लगाएँ तथा अन्य पाठ्य सहगामी कार्यक्रमों में पूरा-पूरा सहयोग दें।

2. महाविद्यालय की सम्पत्ति, भवन, पुस्तकालय आदि की सुव्यवस्था, सुरक्षा एवं स्वच्छता में प्रत्येक विद्यार्थी रूचि लेंगे और उन्हें कायम रखने, संवारने में सहयोग देंगे। इसके विपरीत किसी भी दुष्प्रवृत्ति में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न तो स्वयं भाग लेंगे और न दूसरों को उकसाएंगे।

3. महाविद्यालय द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं व कार्यक्रमों में वे पूरी तरह सहयोग देंगे और भाग लेंगे। बिना प्राचार्य की अनुमति से कक्षा अथवा परीक्षा में अनुपस्थित नहीं रहेंगे।

4. प्रत्येक विद्यार्थी अपने साथियों और शिक्षकों से नम्रता का पालन करेंगे और कभी अश्लील, अशिष्ट या अशोभनीय व्यवहार नहीं करेंगे।

5. विद्यार्थियों को सरल, व्यसनमुक्त, मितव्ययी जीवन ही बिताना चाहिए। अतएव विशेषकर महाविद्यालय की सीमाओं में किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ सेवन वर्जित रहेगा। वेशभूषा में विद्यार्थियों को तड़क-भड़क, विलासिता शोभा नहीं देता है, इसका ध्यान रखना होगा।

  • निम्नलिखित में से किसी एक या अनेक कारणों से विद्यार्थी का महाविद्यालय से पृथक करने का अधिकार प्राचार्य को है।

    अ. कक्षा में संतोषजनक प्रगति न होने पर।

    ब. प्राचार्य के मतानुसार विद्यार्थी का आचरण संतोषप्रद न होने पर।

  • प्राचार्य को यह अधिकार है कि बिना कारण बताये किसी भी विद्यार्थी का प्रवेश निरस्त कर दें और इस विषय में कानूनी कार्यवाही का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं होगा।
  • किसी भी प्रार्थना पत्र या आवेदन में उल्लिखित जानकारी यदि किसी विद्यार्थी द्वारा छिपायी जाये अथवा गलत ढंग से प्रस्तुत की जाये तो विद्यार्थी का प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।
  • यदि विद्यार्थी समय से शुल्क का भुगतान नहीं करता है तो उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।

6. यदि कोई कठिनाई हो तो प्राध्यापकों द्वारा अथवा प्राचार्य के समक्ष निर्धारित प्रणाली से शांतिपूर्ण अपना आवेदन करना होगा।

7. आंदोलन, सक्रिय दलगत राजनीति में भाग नहीं लेंगे और अपनी समस्याओं के विषय में राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं अथवा समाचार पत्रों आदि के माध्यम से हस्तक्षेप या सहायता नहीं माँगेंगे।

8. परीक्षाओं या उसके संबंध में किसी प्रकार के अनुचित लाभ लेने या अनुचित साधनों का प्रयोग करने का प्रयत्न गंभीर दुराचरण माना जायेगा।

9. महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और कीर्ति बढ़े और उसमें किसी प्रकार कलंक न लगे ऐसा ही व्यवहार विद्यार्थियों को अनुशासन और संयम में रहकर करना चाहिए।

10. आचरण संहिता सबंधी इन नियमों के भंग होने पर विद्यार्थियों को चाहिए कि दोषी व्यक्ति को उचित दण्ड देने में सहयोग दें जिससे महाविद्यालय का प्राथमिक कार्य अध्ययन, शांति और मनोयोग के साथ चल सके।

11. विद्यार्थी को यह सावधानी रखनी होगी कि किसी अनैतिक मूलक या अन्य गंभीर अपराध का अभियोग उस पर न लगे यदि ऐसे हुआ तो उसका नामांकन महाविद्यालय से निरस्त कर दिया जावेगा।