Student Activities/Engagement

(छात्र गतिविधियाँ/क्रियाकलाप)

खेलकूद

महाविद्यालय विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थियों के रचनात्मक विकास हेतु एक विकल्प प्रस्तुत करता है। इस दिशा में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिये क्रीड़ा विभाग की स्थापना की गयी है। इस विभाग के माध्यम से विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाता रहा है। खेलकूद में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिये महाविद्यालय के पास अपना विशाल खेल मैदान है, जिसमें हर प्रकार के खेलों का आयोजन कराया जा सकता है। महाविद्यालय में इनडोर एवं आउटडोर दोनों खेलों की सुविधा उपलब्ध है। इनडोर गेम्स में शतरंज, कैरम, टेबिल टेनिस एवं बैडमिंटन के लिये हॉल उपलब्ध है। आउटडोर गेम्स में फुटबाल, क्रिकेट, वालीबॉल एवं लॉन टेनिस की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही साथ एथलेटिक्स भी कराये जाते हैं। समय-समय पर विभिन्न खेलों की जानकारी भी प्रदान की जाती है। सफल और सुचारू रूप से खेलों के संचालन के लिये महाविद्यालय में पूर्णकालिक क्रीड़ाधिकारी की नियुक्ति की गई है। महाविद्यालय द्वारा ‘आगाज’ व ‘सृजन’ नामक कार्यक्रमों के तहत अंतर विद्यालयीन सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह में कराया जाती है। इसमें ग्रामीण अंचल के हजारों विद्यालयीन विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।

राष्ट्रीय सेवा योजना

छात्र-छात्राओं को रचनात्मक समाज सेवा व जन कल्याण कार्यों का प्रशिक्षण देने के ध्येय से स्थापित एन.एस. एस. की एक सक्रिय इकाई महाविद्यालय में कार्यरत है। रक्त दान, सामाजिक जागरूकता शिविर, स्वास्थ्य शिविर, वृक्षारोपण व ग्राम सेवा जैसे समाज सेवा के कार्यों द्वारा विद्यार्थी अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर महाविद्यालय के लिए यश अर्जित करते हैं।

प्रतिबिम्ब: महाविद्यालय पत्रिका

‘प्रतिबिम्ब’ महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका है, जो विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करती है। साथ ही महाविद्यालय की अकादमिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं खेलकूद संबंधी गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट भी इसमें प्रकाशित की जाती है। इस पत्रिका के प्रत्येक खंड का सम्पादन किसी शिक्षक के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा किया जाता हैं।

हरियाली: ‘‘एक छात्र एक पेड़’’

महाविद्यालय द्वारा छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए ‘एक छात्र-एक वृक्ष’ नामक कार्यक्रम चलाया जाता है यह कॉलेज कैंपस व आस-पास के क्षेत्रों में हरियाली लाने का प्रयास है। ‘एक छात्र-एक वृक्ष’ कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को एक पौधा लगाने के साथ-साथ उसके रखरखाव की जिम्मेदारी लेनी होगी/होती है। पौधे की व्यवस्था महाविद्यालय द्वारा छात्रों को निः शुल्क उपलब्ध करायी जाती है।

संयुक्त सलाहकार समिति : JCC

संयुक्त सलाहकार समिति में विभिन्न विभागों से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व होता है। पाठ्यक्रम तथा पाठ्येन्तर गतिविधियों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों के लिए यह प्रमुख समिति है। प्राचार्य की अध्यक्षता में समय-समय पर इसकी बैठक होती है।

फ्रेंड्स कार्नर : The Counselling Cell

यह समिति प्रत्येक विद्यार्थी को विशिष्ट मानती है। यह समिति संवाद के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन करती है जहाँ विद्यार्थी अपनी रूचियों और समस्याओं पर बेझिझक अपनी बात रख सके। महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता पैदा कर विद्यार्थियों में जिम्मेदारी का भाव तथा आत्मविश्वास पैदा करना इस समिति का प्रमुख सरोकार है। फ्रेंड्स कॉर्नर विद्यार्थियों की सामान्य भावनाओं की कद्र करता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर परामर्श भी दिया जाता है।

मंथन: शारीरिक, मानसिक एवं सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम

महाविद्यालय के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु हर शनिवार महाविद्यालय सभागार ‘गोविन्द भवन’ में तात्कालिक भाषण, क्विज, पोस्टर, स्लोगन, निबंध आदि प्रतियोगिताएँ, कक्षावार आयोजित की जाती है। समय-समय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा समान्य ज्ञान, व्यक्तित्व विकास, इंटरव्यू, कम्युनिकेशन स्किल, योग, नागरिक सुरक्षा आदि से संबंधित वर्कशॉप, सेमीनार इत्यादि आयोजित किये जाते हैं। महाविद्यालय की सूचना पटल पर कार्यक्रम आयोजन संबंधी जानकारियाँ उपलब्ध कराई जाती है। इन कार्यक्रमों से महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण रोचक व उत्साह वर्धक बना रहता है साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिलती है।

सांस्कृतिक गतिविधियाँ

महाविद्यालय में समय-समय पर विभिन्न क्रियाकलापों का आयोजन किया जाता है। सांस्कृतिक गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए प्रत्येक वर्ष नवंबर-दिसम्बर माह में ‘वार्षिकोत्सव’ का आयोजन किया जाता है। सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु महाविद्यालय में एक सांस्कृतिक समिति है। सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य महाविद्यालय के छात्रों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ सामान्य एवं व्यवहारिक बोध कराना है। साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिये चित्रकला, गीत, नृत्य, नाटक, एकल अभिनय, काव्यपाठ, निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएँ अगस्त से दिसम्बर माह के बीच आयोजित की जाती है। चयनित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय तथा युवा पूर्वी क्षेत्र अंतर महाविद्यालयीन उत्सव में भेजा जाता है। महाविद्यालय की सभी सांस्कृतिक गतिविधियाँ महाविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागृह ‘गोविन्द भवन’ में की जाती है।

दिशा-प्लेसमेंट सेल

सभी विद्यार्थियों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में शैलदेवी महाविद्यालय की प्लेसमेंट सेल ‘दिशा’ की अग्रणी भूमिका रहती है। कैरियर से जुड़े मुद्दों पर ‘दिशा’ द्वारा समय-समय पर विभिन्न संगोष्ठियों व कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। व्यावसायिक क्षेत्रों में अच्छी शुरूआत की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के अकादमिक जीवन में प्लेसमेंट के साथ दिशा ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की है।

WDC वुमेन डेवलपमेंट सेल

इसके समाधान की आरे अग्रसर करने में वूमेन डवेलपमेन्ट सेल की महत्वपूर्ण आरै सक्रिय भूमिका होती हैं कॉलेज के विद्यार्थियों एवं शिक्षक समुदायों में महिला अधिकारों, महिला सशक्तिकरण तथा लैंगिक समानता आदि मुद्दों के प्रति यह समिति सवंदेनशील नजरिया उत्पन्न करने का पय्रास करती हैं यह समिति समय-समय पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, वाद-विवाद तथा फिल्म प्रदर्शन द्वारा महिला-विकास के मुद्दों को पक्राश में लाती हैं यह समिति छात्र तथा छात्राओं दोनों का स्वागत करती है|

महाविद्यालय में प्रकोष्ठ समितियां

शैलदेवी महाविद्यालय में विविध तरह के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए अनेक समितियों का गठन हुआ है :-

  •   रैगिंग विरोधी व अनुशासन प्रकोष्ठ
  •   पालक शिक्षक समिति
  •   एलयूमनी एसोसियेशन
  •   कैरियर काउंसिलिंग प्रकोष्ठ
  •   यौन प्रताड़ना विरोधी समिति
  •   आंतरिक गुणवत्ता एवं प्रत्याभूति प्रकोष्ठ
  •   सांस्कृतिक कार्यक्रम परिषद्
  •   छात्र संघ परिषद्
  •   विज्ञान परिषद्
  •   छात्र समस्या निवारण समिति
  •   वित्त एवं निवेश समिति
  •   पुस्तकालय समिति
  •   खेल-कूद समिति

महाविद्यालय कार्यावधि

महाविद्यालय में अध्यापन कार्य प्रातः 08 बजे से 05.00 बजे तक होता है। महाविद्यालय सामान्य कार्यों के लिए प्रातः 10.00 बजे से शाम 05.00 बजे तक खुला रहता है, किन्तु सभी वित्तीय कार्य मध्यान्ह 03.00 बजे तक ही किये जाते है |